बुधवार, 7 फ़रवरी 2018

जाने कैसे ये लोग है


जाने कैसे ये लोग है जिनको हमने ताज दिया ,
हमने गैरसैणऔर विकास माँगा पलायन दिया .
कितनों ने चोट खाया कितनों अपनी जान गवां दिया,
हमने हरियाली.माँगा आज हर जगह खंडर बना दिया .
बिछड़ गया हर साथी देकरपल दो पल का साथ ,
किसको फ़ुरसत है जो पकडे उनपरिवारों का हाथ.
जाने कैसे ये लोग है जिनको हमने ताज दिया ,
हमने ..........
खुशियों की आस किया गम का आज दर्द मिला,
आंखे पथरा गई कमरें झुक गई इंसाफ मिला .
बोझ रह गया शहीदों का जिन्होंने शहादत दिया ,
शर्म से नजरे झुकजाती हैजो हमने कुछ किया .
पिछड़ गया अब देवभूमि अब तुम्हे कुछ करना है,
चलो बढ़ो अपने - छेत्र को नई अलख जगाना है .
देखो कैसे आज गौं सुनसान हर खेत बंजर पड़े हैं ,
हर नदी पेड,डाली जंगल तुम्हारे इंतजारमें खड़े हैं .
जाने कैसे ये लोग है जिनको हमने ताज दिया ,
हमने ...............
जीना इसको नहीं कहते जो बस अपनों के लिए जिए,
कभी अपने गौं के गरीब असहाय की मदद  कीजिये .
देव भूमि की बदहाली को खुशहाली में बदल दीजिये,
अपने - छेत्र की हर विकास की लहर पहुंचा दीजिये
धन दौलत खूब कमाया सब ने पर मन की शांति नहीं,
किस्मत का खेल कब पलटे फिर आना है सब को यही.
जाने कैसे ये लोग है जिनको हमने ताज दिया ,
हमने ...............
 जय देवभूमि उत्तराखंड .जय पट्टी खाटली मल्ली।                   दानसिंह रावत 





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