शुभ संध्या
शुभ संध्या. क्या मौसम हुयुं च .इन लाग्नु च पहाड़ कु हर नदी जंगल घर खेत इन बोना छी कि........
आ जावा रे आ जावा रे आ जावा
तुम्थे पुकारनु च तुमर घार
आ जावा मि त कब बाटी देख्नु छु
क्य तुम्थे निच अप्रु पहाड़ से प्यार
देवों कु थान बना दये चाह म तुम्हारी
तुम्हारी खुशी म पहाड़ तुड़वा दी सारी
अब त चला आवा अप्रु पहाड़ म
आज मि हर रोज देखूं राह तेरी
तुम ही बतावा क्या च खता मेरी
अब त चले आवा तुम अप्रु घार
तुमतो चले आज सब जगह बीरान च
हर तरफ देखुंदू सब सुनशान हुयुं च
आ जावा रे आ जावा रे आ जावा
तुम्थे पुकारनु च तुमर घार
इतका सालों दुःख कुई सह नि सकालु
प्यार प्रेम खेत खल्यान कैकु त हवालु
याद रख्या कुई अपरी जन्म भूमि छोड़ नि सकंदु
जब घिरलय मुसीबतम कुई त अप्रु घर म लुकुन्द
मी से च बैर त अप्रु थै कीलय तड़फ-२ मर्दवा
कसम छी तुम थै अप्रु पहाड़ जल्दी आ जावा
आख्रिरी बक्त च क्य मेरी भी सुनणा छावा
क्या मौसम हुयुंच यखा कु नजारा देख जावा
घार आ जावा एक बार
हर कठनाई मिटा देउला
अप्रु पहाड़ थै फिर स्वर्ग बनुला
आ जावा रे आ जावा रे आ जावा
तुम्थे पुकारनु च तुमर घार
आ जावा मि त कब बाटी देख्नु छु
क्य तुम्थे निच अप्रु पहाड़ से प्यार .
जय हमरु पहाड़ जय देव भूमि
शुभ संध्या. क्या मौसम हुयुं च .इन लाग्नु च पहाड़ कु हर नदी जंगल घर खेत इन बोना छी कि........
आ जावा रे आ जावा रे आ जावा
तुम्थे पुकारनु च तुमर घार
आ जावा मि त कब बाटी देख्नु छु
क्य तुम्थे निच अप्रु पहाड़ से प्यार
देवों कु थान बना दये चाह म तुम्हारी
तुम्हारी खुशी म पहाड़ तुड़वा दी सारी
अब त चला आवा अप्रु पहाड़ म
आज मि हर रोज देखूं राह तेरी
तुम ही बतावा क्या च खता मेरी
अब त चले आवा तुम अप्रु घार
तुमतो चले आज सब जगह बीरान च
हर तरफ देखुंदू सब सुनशान हुयुं च
आ जावा रे आ जावा रे आ जावा
तुम्थे पुकारनु च तुमर घार
इतका सालों दुःख कुई सह नि सकालु
प्यार प्रेम खेत खल्यान कैकु त हवालु
याद रख्या कुई अपरी जन्म भूमि छोड़ नि सकंदु
जब घिरलय मुसीबतम कुई त अप्रु घर म लुकुन्द
मी से च बैर त अप्रु थै कीलय तड़फ-२ मर्दवा
कसम छी तुम थै अप्रु पहाड़ जल्दी आ जावा
आख्रिरी बक्त च क्य मेरी भी सुनणा छावा
क्या मौसम हुयुंच यखा कु नजारा देख जावा
घार आ जावा एक बार
हर कठनाई मिटा देउला
अप्रु पहाड़ थै फिर स्वर्ग बनुला
आ जावा रे आ जावा रे आ जावा
तुम्थे पुकारनु च तुमर घार
आ जावा मि त कब बाटी देख्नु छु
क्य तुम्थे निच अप्रु पहाड़ से प्यार .
जय हमरु पहाड़ जय देव भूमि



