कनु भलु लागंद लागंद असाड़ सोणा को महीना
हरा -हरा पुंगड़ा .कन फंक्यां छी रौली गदना
हत म कुटिली मुंड म पन्नी सरासर सरकिन्दी
मंडवा .झुंगरू. धान हुयान फटाफट जो बिरंदी
अखरोट , कू डालु हुयां फलों की बहार हुयां
कंडली की पत्ती हुयां खिरबोजा कू पात हुयां
दिन हुयां रात हुयां मंडवा की रोटी संग खया
भलु लगालु -२ जरा अपरू मुलक घूम अयं
बादलों कू कड़कड़ाट .रोली गद्नियोँ सरसराहट
चखुलियों कू चकचाट मिंडकियोँ की टरटराहट
कनु भलु लागंद लागंद असाड़ सोणा को महीना
हरा -हरा पुंगड़ा .कन फंक्यां छी रौली गदना
इन भलु मौसम इन भलु पहाड़ च चला अब घार
बीरान छी गौं उजिड़ गैना बरसातल सबि का घार
कूड़ी चूणा छी .छनुड़ी बन्जा छी पुंगड़ीओं म घास जमी छ
घार रावा सुध साँस ल्यावा. माँ देवभूमि सभी थै बुलानी छ
कनु भलु लागंद लागंद असाड़ सोणा को महीना
हरा -हरा पुंगड़ा .कन फंक्यां छी रौली गदना
जय पहाड़ जय उत्तराखंड। दानसिंह रावत ग्राम नऊ
हरा -हरा पुंगड़ा .कन फंक्यां छी रौली गदना
हत म कुटिली मुंड म पन्नी सरासर सरकिन्दी
मंडवा .झुंगरू. धान हुयान फटाफट जो बिरंदी
अखरोट , कू डालु हुयां फलों की बहार हुयां
कंडली की पत्ती हुयां खिरबोजा कू पात हुयां
दिन हुयां रात हुयां मंडवा की रोटी संग खया
भलु लगालु -२ जरा अपरू मुलक घूम अयं
बादलों कू कड़कड़ाट .रोली गद्नियोँ सरसराहट
चखुलियों कू चकचाट मिंडकियोँ की टरटराहट
कनु भलु लागंद लागंद असाड़ सोणा को महीना
हरा -हरा पुंगड़ा .कन फंक्यां छी रौली गदना
इन भलु मौसम इन भलु पहाड़ च चला अब घार
बीरान छी गौं उजिड़ गैना बरसातल सबि का घार
कूड़ी चूणा छी .छनुड़ी बन्जा छी पुंगड़ीओं म घास जमी छ
घार रावा सुध साँस ल्यावा. माँ देवभूमि सभी थै बुलानी छ
कनु भलु लागंद लागंद असाड़ सोणा को महीना
हरा -हरा पुंगड़ा .कन फंक्यां छी रौली गदना
जय पहाड़ जय उत्तराखंड। दानसिंह रावत ग्राम नऊ

