दुनिया बदली हम न बदले पहाड़ जो है सुनसान
इधर उधर भटकते कुछ प्रदेश रहना समझते शान
फूलों की ,रानी पहाड़ों का राजा दुनिया का कहना
ठंडी हवाओं की बहिना नदियों का लहरा कर बहना
सारी उमर, हमें वही साथ रहना है सब का कहना है
क्योँ फिरे हम नादान जब पहाड़ ही हमने जाना है
जब पैसों की खातिर लालच से पहाड़ से हम हुए दूर
तबसे सारे जीवन के हमने अपनों के सपने किये चूर
आँखों में नींद ना मन में चैन हमने उनका खोया
जब पास न हो उनके सोचो वह कितना होगा रोया
एक हजारों में.उत्तराखंड है जब प्यारा अपना
एक प्यारा सा उन्नतिशील बने पहाड अपना
देखो हम सब उस मिटटी और इक डाली के फूल
मैं ना भूला, तुम चकाचौंद से गए अपने दिन भूल
जीवन के दुखों से यूँ सभी रोज झगड़ते लड़ते हैं
ऐसे बच के सच से सभी गुज़रते भागते नहीं हैं
सुख की है चाह तो, दुःख भी सहना होता है
इधर उधर भटकते कुछ प्रदेश रहना समझते शान
फूलों की ,रानी पहाड़ों का राजा दुनिया का कहना
ठंडी हवाओं की बहिना नदियों का लहरा कर बहना
सारी उमर, हमें वही साथ रहना है सब का कहना है
क्योँ फिरे हम नादान जब पहाड़ ही हमने जाना है
जब पैसों की खातिर लालच से पहाड़ से हम हुए दूर
तबसे सारे जीवन के हमने अपनों के सपने किये चूर
आँखों में नींद ना मन में चैन हमने उनका खोया
जब पास न हो उनके सोचो वह कितना होगा रोया
एक हजारों में.उत्तराखंड है जब प्यारा अपना
एक प्यारा सा उन्नतिशील बने पहाड अपना
देखो हम सब उस मिटटी और इक डाली के फूल
मैं ना भूला, तुम चकाचौंद से गए अपने दिन भूल
जीवन के दुखों से यूँ सभी रोज झगड़ते लड़ते हैं
ऐसे बच के सच से सभी गुज़रते भागते नहीं हैं
सुख की है चाह तो, दुःख भी सहना होता है

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