शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

ईश्वर तुम क्या रंग दिखाते हो

ईश्वर मनुष्य की कितनी बार परीक्षा लेगा ।कभी बाढ़।कभी भूकंप तो आज सारे विश्व में एक घातक बीमारी का प्रकोप  जिसे कोरोना का नाम दिया गया है।यह चीन से शुरू हुआ ।क्या एक देश ने अपनी धाक के लिए कोई विषैला परीक्षण किया या कुदरती देन है समझ मे नहीं आ रहा किसी को । भगवान । हंसते घरों को उजाड़ रहे हो ।लोगों में दहशत है ।अपनी आंखों से देख रहे है बिलखते मजदूरों को जो एक वक्त की रोटी मुश्किल से खा पाते है बड़े लोग सरकारी लोग जिनका सहारा है वेतन व नेता तो जनता को लूट कर खा लेगी  ।उनके नाम से  घर भी नहीं जा पा रहे है कि मारना है तो अपनों के पास मरे पर ओ भी न कर पा रहे है खाना नहीं मिलेगा तो कितने अनाथ बन जाएंगे बाढ़।भूकंप के समय देखा जो दृश्य अभी भी घूम रहे है आंखों में कहीं वैसा न हो ।ईश्वर गरीबों पर तरस खाओ ।इस महामारी से बचाओ ।




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