गुरुवार, 22 मार्च 2018

अपनी मिटटी उत्तराखंड गैरसैण राजधानी


अपनी मिटटी  उत्तराखंड के लिए मर मिटने वाले राज्य आंदोलनकारी. गैरसैण  राजधानी क्रांतिकारी जनता को सलाम . जय हिन्द
तू ही दिल है जिसे उत्तराखंड नाम मिलकर सब ने तुम्हे दिया
तू ही है वह गैरसैण जिसके लिए अपनों ने जान कुर्वान किया
अब तो जीना तेरे बिना लगता है किसी ने हम से गिला किया
मिल जाये  अगर तू  पहाड़ के भाग शायद जग अब जाये
मंजिल तू ही है यहाँ की चाहे लूटने वालों को रास ये आये 
गूंजे हर तरफ यहीआवाज है हम सब का गैरसैण राजधानी बने हमारा 
मन में ठानी हर घर से कदम बढ़े कदम बदल जाये पहाड़ का फिजा सारा 
किसी मोड़ पे भी ना, ये साथ छूटे अब सहिंगे कोई पहाड़ हमारा लूटे
प्यार का सन्देश पहुंचे सब जगह , शहीदों का भी वहां दिल कभी टूटे   
कभी ख्वाब में भी यह कोई समझे उत्तराखंडी है नादान
जब  एक साथ बढ़ते हैं हर एक के कदम  लेते है अहसान
नमन करे उन शहीदों को जिन्होंने अपनी जान गवाए
अफशोस उत्तराखंड है हमारा पर इंसाफ उन्हें दे पाए
एक आवाज बने विकास की राह जहाँ से पहाड़ को आनी है
धैय सब का  एक रहे सबका गैरसैण को राजधानी बनानी है
जय उत्तराखंड देवभूमि .जय पहाड़ गैरसैण 





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